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नया साल, नए संकल्प तो क्यों न लिया जाये सेहतमंद रहने का संकल्प।

अच्छी सेहत और स्वास्थ पाने के लिए दिन-रात एक नही करना पड़ता केवल अपनी आदतों में सुधार और जीवनशैली में परिवर्तन करना पड़ता है। इस नए साल में क्यों ना कुछ बदलाव किये जाये जो जीवन को बदलने का माद्दा रखते हो। 

सेहतमंद रहने के लिए अगर इन तरीको अपनाया जाये तो केवल तन बल्कि अपने मन  मस्तिष्क को भी स्वस्थ रख पाएंगे। 

#1 आध्यात्मिक बने।

ईश्वर  के प्रति आस्था और विश्वास हमें मानसिक रूप से मजबूत बनाते है। ये जरुरी नही की किसी धर्म विशेष या ईश्वर के विशेष रूप की आराधना की जाये, बल्कि जरुरी ये है की उस परमसत्ता के प्रति विश्वास रखा जाये। पेंसिलवेनिया की मिसौरी यूनिवर्सिटी के ब्रिक जॉनस्टोन के शोध के मुताबिक मनोरोग और अनास्था का गहरा संबंध है। ऐसे लोग जो ईश्वर को मानते है, वे सामान्यतः विषम परिस्थितियों में भी धैर्य रखने में सक्षम होते है।


#2 पहचाने संगीत की शक्ति। 
संगीत के सातो सुरो का हमारे मन और शरीर पर विशेष प्रभाव पड़ता है। ऋषियों ने शरीर में सात चक्र बताये है , जो शरीर  विभिन्न भागो का संचालन करते है। संगीत के सातों सुर इन्हें स्वस्थ रखने में मददगार है। इसके अलावा कई बीमारियों का उपचार  भी संगीत से किया जा सकता है। इसके अलावा तनाव, चिंता अवसाद से होने वाली बीमारियों में भी संगीत लाभदायक है।   

#3 अच्छा साहित्य पढें  

दरअसल स्वस्थ रहने के लिए मनोरंजन भी बहुत आवश्यक है। अच्छा साहित्य अच्छे मनोरंजन का बेहतरीन विकल्प है। इससे सिर्फ हमारा ज्ञान बढ़ता है बल्कि हम खुद को व्यस्त भी रखते है। मनोरोगियों के लिए खुद को शारीरिक मानसिक रूप से व्यस्त रखना बहुत जरुरी होता है यहाँ एक बेहतरीन तरीका हो सकता है। 

#4 सकरात्मक सोच रखे।   

अमेरिका के टेक्सास विश्वविधालय के अध्यन के अनुसार सकरात्मक सोच रखने वालो पर उम्र का असर कम होता है। हालांकि शोधकर्ताओं का कहना है  की उम्र का असर कम करने में अनुवांशिक कारण भी है, लेकिन ये भी सामने  निराशावादीयों पर उम्र का असर आशावादीयो से अधिक नजर आया। विद्वानों ने यहाँ पाया है की हर साल में खुश रहने  वाले बढ़ती उम्र में भी युवा नजर आते है। 

#5 परिवार को समय दे

व्यक्ति के लिए उसका परिवार महत्वपूर्ण होता है। परिवार ही इंसान को भावनात्मक रूप से मजबूत रखता है। एक रिसर्च के अनुसार  बच्चे संयुक्त परिवार में  पलते है  मानसिक और भावनात्मक रूप से मजबूत  होते है। वही एकल  बच्चो में बड़ी उम्र में मानसिक बीमारियों का खतरा अधिक रहता है। व्यक्ति के जीवन को स्थिर बनाये रखने के लिए परिवार का होना आवश्यक है। 
  

#6 योग से भगाये रोग। 

योग और ध्यान को लेकर जितना कहा जाए, कम है। हर व्यक्ति अपनी दैनिक जीवनचर्या में  योग को स्थान जरूर देना चाहिए। ध्यान भी इसका मुख्य अंग है। भागदौड़ वाली जिंदगी हम भले इन योग और ध्यान का कठोरता से पालन कर पाए, लेकिन सामान्य दिनचर्या में इनको शामिल कर खुद को स्वस्थ रख सकते है।

#7 नींद से समझौता नही। 

नींद इंसान के  बहुत जरुरी है और वो भी अच्छी नींद। नींद अगर अच्छी और पूरी ना हो तो कई बीमारियां का कारण बन सकती है। कई शोधकर्ताओं  ने ये बताया है की नींद पूरी होना कैंसर का कारण बन सकता है। अच्छी नींद लेना कई बीमारियों को जन्म देती है जैसे वजन बढ़ना, मानसिक बीमारीया, पेट की बीमारिया, दिल के रोग। स्वस्थ इंसान को 6 घंटे की नींद बेहद जरुरी है।       

#8 प्रकृति की शरण ले। 

आधुनिक बनने की होड़ में हम प्रकति और इसकी अनमोल देन  को भूलते जा रहे है। पहले छोटी-बड़ी बीमारियों के लिए घरेलु उपचार ही लिए जाते थे, अब छोटी से सर्दी जुखाम के लिए डॉक्टर के पास चले जाते है। जबकि जानकारों की माने तो मौसम ऋत के अनुसार जीवनचर्या में बदलाव मात्र से ही कई बीमारिया ठीक हो सकती है इसलिए अगर बुजुर्गो की कुछ बाते मानना ही अच्छा होगा। 

#9 गेजेट्स के गुलाम बने।   

इन्टरनेट और आधुनिक गेजेट्स उपयोगिता तक ठीक है। लेकिन इनकी लत बुरी है। कई विकसित देशो में तो गेजेट्स की आदत छुड़ाने के लिए कई लोग डॉक्टर्स के पास जाने लगे है। ऐसे में जरुरी है की इन सभी गेजेट्स का उपयोग आवशकता से अधिक किया जाये है। खास बात तो ये है की इन सभी आधुनिक चीजो के ज्यादा उपयोग से युवाओ में आँखों और दिमागी बीमारिया देखी गई है। 

नए साल में हम सब कई तरह की बुरी आदतों को छोड़ने का वादा करते है और कई अच्छी आदते अपनाई जाती है। तो क्यों इस साल हम सेहतमंद रहने की आदत को अपनाया जाये जिससे खुद के साथ परिवार की सेहत का भी ख्याल रखा जा सकता है।  

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