A short story on a sharp-witted crow

सोचते रहे, क्योकि सोच बनती है हकीक़त: Law of Attraction

सोचते रहे, क्योकि सोच बनती है हकीक़त: Law of Attraction

दोस्तों आपने “OmShantiOm” का ये dialogue “अगर किसी चीज़ को दिल से चाहो तो सारी कायनात उसे तुम से मिलाने में लग जाती हैज़रूर सुना होगा। इसी को सिद्धांत के रूप में Law of Attraction कहा जाता हैये वो सिद्धांत है जो कहता है कि आपकी सोच हकीकत बनती है। 
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शायद सुनने में अजीब लगे पर ये एक सार्वभौमिक सत्य है। यानि हम अपनी सोच के दम पर जो चाहे वो बन सकते हैं। और ये कोई नयी खोज नहीं है भगवान् बुद्ध ने  भी कहा  है  “हम जो कुछ भी हैं वो हमने आज तक क्या सोचा इस बात का परिणाम है। स्वामी विवेकानंद  ने भी यही बात इन शब्दों में कही हैहम वो हैं जो हमें हमारी सोच ने बनाया है, इसलिए इस बात का धयान रखिये कि आप क्या सोचते हैं। शब्द गौण हैं। विचार रहते हैं, वे दूर तक यात्रा करते हैं।
The Law of Attraction 
या  आकर्षण  का  सिद्धांत  यह  कहता  है  कि  आप  अपने  जीवन  में  उस  चीज  को  आकर्षित  करते  हैं जिसके  बारे  में  आप  सोचते  हैं। आपकी  प्रबल सोच हकीक़त  बनने  का  कोई  ना  कोई  रास्ता  निकाल लेती है  लेकिन Law of Attraction कुछ  ऐसे  प्रश्नों  को  जन्म  देता  है  जिसके  उत्तर  आसान  नहीं  हैं .पर मेरा मानना है कि परेशानी Law of Attraction कि  वजह  से  नहीं  है  बल्कि इससे  है कि Law of Attraction को वास्तविकता में  कैसे  apply करते  हैं।


यहाँ  ऐसे  ही  कुछ  problematic questions दिए  गए  हैं।
#1 क्या  होता है  जब  लोगों  की  intention (इरादा,सोच,विचार,उद्देश्य)  conflict करती  है ,जैसे  कि  दो  लोग  एक  ही  promotion के  बारे  में  सोचते  हैं , जबकि एक  ही  जगह  खाली   है ?

#2
क्या छोटे बच्चों ,या जानवरों की भी intentions काम करती है।

#3 
अगर किसी बच्चे के साथ दुष्कर्म होता है तो क्या इसका मतलब है कि उसने ऐसा इरादा किया था ?


#4 अगर मैं अपनी relation अच्छा करना चाहता हूँ लेकिन मेरा / मेरी सोच इसपर ध्यान नहीं देती , तो क्या होगा ?



ये  प्रश्न  Law of Attraction की  possibility को  कमज़ोर  बनाते  हैं .कभी – कभार  Law of Attraction में  विश्वास  करने  वाले  लोग  इसे  justify करने  के  लिए  कुछ  ज्यादा  ही  आगे बढ़  जाते  हैं। 



अगर  आप  किसी  चीज  के  बारे  में  बिलकुल  ही  सोचना  छोड़  देंगे  तो  क्या  वो  गायब  हो  जाएगी ? हाँ  technically वो  गायब  हो  जाएगी . लेकिन  practically  आप  जिस  चीज  को  create कर  चुके  हैं  उसे  uncreate करना लगभग असंभव  है . आप  उन्ही  समस्यों  पर  focus कर  के  उन्हें  बढाते  जायेंगे . पर  जब  आप   अभी   जो  कुछ  भी  वास्तविकता  में  अनुभव  कर  रहे  हैं  उसके  लिए  खुद  को  100 % responsible मानेंगे  तो  आप  में  वो  शक्ति  आ  जाएगी  जिससे  आप  अपने  विचारों  को  बदलकर  अपनी  वास्तविकता  को  बदल  सकते  हैं .



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