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बस कुछ वक्त और क्योकि 2040 तक हम होंगे अमेरिका से आगे

बीते साल दिसम्बर में 150 साल बाद इतिहास ने करवट ली थी। तब भारत ने ब्रिटेन की अर्थव्यवस्था को पीछे छोड़ दिया था। अब अगले 25 सालो में भारत एक और बड़ी आर्थिक ताकत अमेरिका को पीछे छोड़कर दुनिया की दूसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन जायेगा।  असल में, आर्थिक मंच पर तीन-चार दशकों में बड़े बदलाव होंगे। इसमें अहम बात होगी, उभरती अर्थव्यवस्थाओं  प्रभुत्व में बढ़ोतरी। PWC  की ताजा रिपोर्ट कहती है की 2040  तक भारत पर्चेज़िंग पावर पैरिटी यानि क्रय शक्ति समानता में अमेरिका से आगे निकल जायेगा। चीन इस सूची  पहला स्थान पर है। 



इस तरह बदला ताकत का गणित 


#1 1995 में E-7 अर्थव्यवस्थाओ का आकार G-7 से आया था। 

#2 2015 में E-7 और G-7 अर्थव्यवस्थाओ का आकार लगभग बराबर हो गया। 

#3 2050 में E-7 का आकार G-7 के कुल आकार का दो गुना हो जायेगा।   

#4 130% वृद्धि  होगी 2050 तक कुल वैश्विक अर्थव्यवस्था में। 

#5 85% हिस्सा होगा 32 बड़े देशों  का दुनिया की अर्थव्यवस्था में।   


3 कारण भारतीय ग्रोथ के


#1  Digital होती दुनिया 
#2  बड़ी श्रमशील आबादी 
#3  मजबूत घरेलु अर्थव्यवस्था 


G-7 पर भारी पड़ेंगे E-7

रिपोर्ट में E-7 यानी, सात उभरती अर्थव्यवस्थाओ और G-7 यानी, सात विकसित अर्थव्यवस्थाओं की संभावनाओ  की तुलना  गई है। E-7 समूह  में ब्राज़ील, चीन, भारत, इंडोनेशिया, मैक्सिको, रूस और तुर्की है। वही G-7 में कनाडा, फ्रांस, जर्मनी, इटली,जापान, ब्रिटेन और अमेरिका शामिल है। 

घट जायेगा यूरोप का दबदबा


मौजूद समय में यूरोपीय अर्थव्यवस्थाओ की हालत पतली है, जो 2050 में उनके प्रभुत्व को कम करने का बड़ा कारण बनेगी। ब्रिटेन खिसककर 10वे स्थान पर पहुँच  जायेगा, वही फ्रांस शीर्ष 10 देशों बाहर  जायेगा।   

वियतनाम लगाएगा ऊँची छलांग


2050
तक जिन अर्थव्यवस्थाओ  की रैंकिंग में उछाल आएगा, उनमे वियतनाम सबसे आगे होगा यहाँ किसी भी अन्य देश के मुकाबले सबसे ज्यादा होगी। 


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