A short humorous story on Donkey and an imaginary rope

होली नही गई, रंगपंचमी अभी बाकि है।

होली नही गई, रंगपंचमी अभी बाकि है।

होली एक  मात्र ऐसा त्यौहार है, जिसको हर कोई बड़े ही उमंग के साथ मनाता है। हर कोई सब परेशानी भूल कर उस दिन को भरपूर Enjoy करते है। होली को बीते 4 दिन हो चुके है। अधिकतर लोगो को ये लगता है की बाकि सभी त्योहारो की तरह होली भी एक दिन का ही त्यौहार है। लेकिन ऐसा नही है होली एक नही बल्कि 2 दिन मनाई जाती है। कुछ लोग इस त्यौहार को बड़ा ही याद कर रहे होंगे। और कुछ लोग जो इस त्यौहार का अच्छे से आंनद नही ले पाए। उनके लिए ये अच्छी  बात है की वो होली का फिर से आंनद  उठा सकते है।  
जी हाँ.... होली के 5 दिन बाद रंगपंचमी को भी Celebrate किया जाता है। और कई जगहों पर इसका अलग ही महत्व है। भारत के हर स्थान पर होली का त्योहार मनाने की एक अलग-अलग परंपरा मानी  जाती है। इसमें कुछ स्थानों पर होली के पांचवें दिन  (चैत्र कृष्ण पंचमी) को रंगपंचमी का त्योहार बड़े ही उल्लास के साथ मनाया जाता है।  

खास तौर मध्यप्रदेश में रंगपंचमी खेलने की परंपरा काफी पुरानी है। इस दिन मालवावासियों की रंगपंचमी के गेर की टोलियां सड़कों पर निकालती है तथा एक-दूसरे को रंग लगाकर इस त्योहार का आंनद लिया जाता है।

मालवा शहर में इस दिन कई जगहों पर टोलिया निकली जाती हैं, जिन्हें गैर कहते है। इसमें शस्त्रों का प्रदर्शन काफी महत्वपूर्ण होता है। इसके साथ ही सड़कों पर युवाओं की टोली अजीब  हैरतअंगेज करतब दिखाते हुए सबका मन मोह लेते हैं। इस दिन खास तौर के भोजन का आनंद भी उठाते हैं।   

क्यों मानते है..?

त्रेता युग में श्री विष्णु जी ने धूलि वंदन किया, इसका मतलब यहाँ है कि ‘उस युग में श्री विष्णु ने कई तेजोमय रंगों से अवतार कार्य का आरंभ किया।

त्रेता युग में अवतार निर्मित होने पर उसे तेजोमय, अर्थात हर रंगों की सहायता से दर्शन रूप में बताया गया है। होली ब्रह्मांड का एक उमंग भरा त्यौहार है।  ब्रह्मांड में हर रंग जरूरत  के अनुसार साकार होते हैं और एक  पूरक व पोषक वातावरण की निर्मित करते हैं।

ऐसे मनाया जाता है ये त्यौहार 

#1  रंगपंचमी के दिन इन रंगों  में भीगने के लिए न तो किसी को बुलाया जाता है, न ही कोई किसी पर रंग डाला जाता है। फिर भी हजारों लोग  हर साल रंगपंचमी पर निकलने वाली गेर यात्रा  में शामिल होकर इस उत्सव का आंनद लेते  हैं और इस  रंगों के  त्योहार को खुशी-खुशी मनाते हैं।  

#2  
इस गेर यात्रा के साथ पानी बचाओ, महिला सशक्तीकरण, बेटी बचाओ, बलात्कार से भारत को मुक्ति दिलाने वाले संदेशों भी फैलाये जाते है। इस गेर यात्रा में महिलाओं की विशेष फाग यात्रा भी निकली जाती है।   

#3  
यहां मनाया जाने वाला रंगपंचमी की गैर एक ऐसा रंगारंग कारवां है, जिसमें बगैर भेदभाव के पूरा शहर शामिल होता है और जमीन से लेकर आसमान तक रंगबिरंगी रंग ही रंग नजर आता हैं।
#4 होली का अंतिम दिन रंगपंचमी यानी होली पर्व के समापन का दिन माना जाता है। रंगबिरंगी गेर के साथ इस त्योहार का समापन होता है।

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