स्वच्छ भारत सर्वेंक्षण -Bhopal got 2nd rank - क्या है इसकी सच्चाई

स्वच्छ भारत सर्वेंक्षण -Bhopal got 2nd rank - क्या है इसकी सच्चाई

2 October 2016, वो दिन जब भारत के प्रधानमंत्री श्री नरेंद मोदी जी द्वारा एक अभियान की शुरुआत की गई थी| बाकि सभी अभियान की तरह इसे भी कई ज़ोरो से शुरू किया था, कई लोगों ने आगे आकर इसका समर्थन किया, उसके बाद क्या..........?
कितने दिनों तक आखिर ये बात आपको याद रही, कुछ दिनों बाद फिर से आप अपनी वही रोज वाले कामो में व्यस्त हो गए| देश के हर शहर, हर गांव, और हर गली मोहल्ले को साफ़ रखने लिए Government द्वारा, कचरा गाडिया भी पहुंचाई ताकि हर कोई हर रोज अपने आस-पास सफाई रख सके| लेकिन तब भी लोग कचरा बाहर फेंकने ने बाज नहीं आए|


कल स्वच्छ भारत सर्वेंक्षण के दौरान देश में सबसे ज्यादा स्वच्छ शहरों व गांव के नाम की List को सामने लाया गया है| जिसमे मध्य प्रदेश का इंदौर, देश का सबसे स्वच्छ शहर घोषित किया गया है,और  दूसरा स्थान भी इसी राज्य की राजधानी भोपाल ने हासिल किया है| कहने को तो हमारे लिए बड़े गौरव की बात होगी, की हमारे अपने प्रदेश के दो शहरो को स्वछता के लिए पहले और दूसरे पायेदान पर रखा गया| एक तरह से खशी भी है लेकिन क्या आपको सही में लगता है की ये फैसला सही है| एक बार इंदौर का मान भी ले की वह साफ़ सफाई वाकई में है लेकिन क्या आपको लगता है की भोपाल सही में लायक था की उसको जो साफ़-सफाई के लिए दूसरे स्थान पर रखा गया| 

जो लोग भी भोपाल में रहते है उनको ये बात बहुत अच्छे से पता होगी कि भोपाल में कितनी सफाई है, अभी जा कर देखे तो कही न कही आपको कचरों का ढेर पड़ा मिल ही जायेगा और ऐसे शहर को देश दूसरा सबसे सफाई  वाली जगह का दर्जा दिया गया है| सिर्फ कुछ इलाकों  को साफ़ रखने से पूरा शहर साफ़ नहीं हो जाता| 


क्या बिक गई है Government:-


अब और क्या बोल सकते है जिनको भोपाल साफ़ दिखाई दि, या तो वो लोग अंधे है जिन्हे गंदगी की जगह सफाई नजर आती है, या फिर हमारी government  बिक गई है| ऐसा लगता है की जैसे भोपाल को इस List में शामिल करने के लिए अच्छी खासी रिश्वत दी गई हो| क्योकि और कोई कारण समझ में आता ही नहीं की जिससे भोपाल को ये उपाधि मिले। 



सफाई करने में नंबर 1 है भोपाल के सूअर:-


इंसान से तो अपील कर-कर के थक चुके है की साफ़ सफाई में अपना योग दान दे लेकिन वो सुनते ही कह है, तो अब इनसे अपेक्षा रखने से क्या फायदा, इनसे अच्छे तो यहाँ के सूअर है जो कम से कम हमारे द्वारा फैलाई गई गंदगी को तो साफ़ कर देते है| और जो हमारी Government है जिन्होंने सफाई का जिम्मा अपने ऊपर उठाया है, वो तो खुद आँख और कान बंद करके बैठ गई है| इसलिए अगर किसी को इनाम मिलना चाहिए,  तो यहाँ के सुअरों को मिलना चाहिए|

कही Survey करने वाले भोपाली ही तो नहीं थे:- 



जिन्होंने भोपाल का survey  किया है वो लोग कही भोपाली तो नहीं थे जिन्हे गंदगी में भी सफाई नजर आती है| क्योकि अगर कोई बाहर का होता तो कचरा तो उसको नजर आता ही| ऐसी हरकते तो भोपाली ही करते है जिन्हे तो भोपाल में कोई कमीब नजर नहीं आती|

मुझे तो गर्व से ज्यादा शर्म आ रही है की हमारी गवर्नमेंट इतनी बड़ी गलती कैसे कर सकती है, जिस दिन भोपाल को स्वछता के लिए दूसरा स्थान मिला तो मेने तुरंत घर से बहार जा कर देखा की कितनी सफाई है, लेकिन जहा तक मेरी नजर गई मुझे कचरे के अलावा कुछ और नजर नहीं आया| मेने उन जगहों की तस्वीरें भी ली है जो ये साबित करती है की भोपाल दूसरे स्थान पर तो क्या किसी भी स्थान पर आने के लाया नहीं है|









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