भूत प्रेत की आड़ में छिपे मानसिक रोगी

भूत प्रेत की आड़ में छिपे मानसिक रोगी ऐसा अपने कितनी बार देखा है।   कभी कभी कुछ मंदिरों में लोग अजीब सी शारीरिक हरकतें क...

भूत प्रेत की आड़ में छिपे मानसिक रोगी

ऐसा अपने कितनी बार देखा है। कभी कभी कुछ मंदिरों में लोग अजीब सी शारीरिक हरकतें करते हुए मिलते हैं। कहा जाता है कि उन्हें भूत प्रेत ने वश में कर लिया है। लेकिन ऐसा मानसिक रोगियों के साथ  भी हो सकता है।  तो आखिर हम कैसे पता लगाये इन दोनों के अंतर के बारे मेंअगर आप भारत में कुछ खास तरह की देवी या देवताओं के मंदिरों में जाएंगे, तो आप देखेंगे कि कुछ खास त्यौहारों पर या कुछ खास दिनों में ऐसा हमेशा देखे को मिलता है। उस दिन वह के देवी या देवता किसी को भी अपने अधिकार में ले सकते हैं, या कहें कि उस पर हावी हो जाते हैं और फिर कुछ भी बोलना शुरू कर देते हैं।


#1 कौन है कुल देवता

आपने कुल देवता के बारे तो सुना ही होगा। आपके परिवार के भी कोई कुल देवता होंगे। हर कुल का अपना एक खास भगवान होता है, केवल उसी कुल के लोगउन देवी देवता को मानते है कभी किसी का कोई  दो कुलों को नहीं होता। जो आपके कुल के अनुसार आपके लिए काम करे। ऐसा लगता है की हर किसी ने अपना एक Personal भगवान  बना लिया है जिस पर सिर्फ उनका ही हक़ है। और अगर कोई अजीबो गरीब हरकतें  करता है तो ये मन लिया जाता है की आप पर कोई चीज हावी है। और इसकी वजह किसी और कुल को मान लिया जाता है। 

#2 भूत है या मानसिक रोगी?


भूत हावी होने की कहानी तो अपने सुनी ही होगी या खुद अपने देखी ही होगी। उनको देख कर लगता है की जैसे किसी ने उनको अपने वश में कर लिया है। क्या आपको सही में लगता है की ऐसा कुछ होता है? क्या सच में उन लोगो पर कोई चीज हावी होती है? ये भ्रम नही तो और क्या है क्या यह एक मनोवैज्ञानिक अवस्था है? संभव है। कई बार हमारे साथ कुछ अजीब होता है कई बार मानसिक उलझनों और बीमारियों को ये समझ लिया जाता है कि कोई आत्मा या भूत-प्रेत ने वश में कर लिया है।
दरअसल मन के कई अजीबोगरीब Level होते हैं। कई बार लोग एक अलग मानसिक अवस्था में पंहुचकर अजीबोगरीब बात करने लगते हैं, जिसके बारे में वे आमतौर परहमे पता नहीं होता ऐसे कई लोग जिन्हें मानसिक रोग की बीमारी है, वे कई बार ऐसे काम करने लगते हैं, जो देखने में काफी अजीब लगता है, क्योंकि वे एकदम से ऐसी अलग मानसिक अवस्था मेंचले जाते हैं जहां अब तक उनकी कोई पहुंच नहीं थी और अचानक वे रूप ले लेते हैं जैसे कि कोई अलग चीज हो रही है। साथ ही कुछ ऐसेभी परेशानियाँ आती है जिसका कोई हल नही है। 

यह ऊर्जा की बहुत अधिक अवस्था की होती है। ऊर्जा अचानक बढ़ जाती है और फिर बिलकुल एक अलग -क्षमता पर  जाती है। यहाँ कोई भूत प्रेत नही बल्कि हमारे मन का बदलाव होता है।

read more

Tags:- Hindi Article, Facts About India, Indian Culture , Story Telling, Incredible Rituals

COMMENTS

Name

#InstaTezz Facts,76,3 minute stories for storytelling,10,Anxious Heart,8,Articles in Hindi,126,Auto Tech,10,Box Office Criticism,8,Edu-Earn-$,22,Enthusiastic Travelism,6,Fun-10-Mania,18,Health & Fitness,6,Sporty Political Celeb,16,Stop Rape,18,
ltr
item
5AmPopUp.com | Rochak Tathya And Katha Lekhan In Hindi |Content Hub: भूत प्रेत की आड़ में छिपे मानसिक रोगी
भूत प्रेत की आड़ में छिपे मानसिक रोगी
https://2.bp.blogspot.com/-O_Kcmuo4TK8/WNPHzGbIiqI/AAAAAAAAA-0/j3K6URn5ZgM4nl0-xI5gpecPBGuRbYIwgCLcB/s640/blog%2B112-3.jpg
https://2.bp.blogspot.com/-O_Kcmuo4TK8/WNPHzGbIiqI/AAAAAAAAA-0/j3K6URn5ZgM4nl0-xI5gpecPBGuRbYIwgCLcB/s72-c/blog%2B112-3.jpg
5AmPopUp.com | Rochak Tathya And Katha Lekhan In Hindi |Content Hub
https://www.5ampopup.com/2017/03/Incredible-India_23.html
https://www.5ampopup.com/
https://www.5ampopup.com/
https://www.5ampopup.com/2017/03/Incredible-India_23.html
true
2053946669208557977
UTF-8
Loaded All Posts Not found any posts VIEW ALL Readmore Reply Cancel reply Delete By Home PAGES POSTS View All RECOMMENDED FOR YOU LABEL ARCHIVE SEARCH ALL POSTS Not found any post match with your request Back Home Sunday Monday Tuesday Wednesday Thursday Friday Saturday Sun Mon Tue Wed Thu Fri Sat January February March April May June July August September October November December Jan Feb Mar Apr May Jun Jul Aug Sep Oct Nov Dec just now 1 minute ago $$1$$ minutes ago 1 hour ago $$1$$ hours ago Yesterday $$1$$ days ago $$1$$ weeks ago more than 5 weeks ago Followers Follow THIS CONTENT IS PREMIUM Please share to unlock Copy All Code Select All Code All codes were copied to your clipboard Can not copy the codes / texts, please press [CTRL]+[C] (or CMD+C with Mac) to copy