खुद को कैसे बदलें - How To Change Yourself In Hindi

खुद को कैसे बदलें : how to change yourself in hindi


   अगर आप दुनिया को बदलना चाहते हैं तो खुद को बदलिए 
If you want to change the world change yourself
खुद को बदले, बाकि सब अपने आप बदल जायेगा | लेकिन खुद को कैसे बदलें?
हम हमेशा कुछ लोगों से घिरे रहते है – वो हैं हमारे परिवार,  दोस्त, साथी, पड़ोसी । कुछ बातें ऐसी है उनके व्यवहार में, उपस्थिति में, और उनके सोचने के तरीके में, जिसे हम बदलना चाहते है। कुछ बातें हमें गुस्सा दिलाती है, हम किसी भी विशेष विषय पर उनसे सहमत नहीं होते, हम उनकी आदतों में से कुछ को पसंद नहीं करते और ये सब बातें हमे रोकती है उनके साथ होने का आनंद लेने से, उनकी प्रशंसा करने से, उन्हें स्वीकार करने से  और उनके प्रति अच्छा बने रहने से। आखिरकार, ये हमारे जीवन में निराशा और असंतोष लाती है, दूसरों को बुरा लगता है और साथ ही रिश्ते भी ख़राब होते है। और यहीं कारण है कि हम उन्हें बदलना चाहते है।


लेकिन क्यों ?


खुद को कैसे बदलें : how to change yourself in hindi

हम क्यों एक व्यक्ति को लेकर, जो पहले से ही हमारे जीवन का हिस्सा है, जो अपने अनोखे तरीकों से एकदम सही है, और हम उसे बदलने की कोशिश करते हैं ताकि वो हमारी उम्मीदों पर खरा उतरे और वो बने जो हमने उसके लिए कल्पना की है |

क्या ये स्वार्थ नहीं है ??

और अगर हम कुछ पल रुकें और इसके बारे में सोचें, तब हमें एहसास  होगा कि कितनी अजीब  इच्छा है हमारी।

दूसरों को बदलने की कोशिश करना अच्छी बात नहीं है।

हम इस आदर्श के साथ जीते हैं कि कैसे एक व्यक्ति को व्यवहार करना चाहिए और जब कभी वो ऐसा नहीं करता जैसा की हम उम्मीद करते है तो हम निराश हो जाते हैं, वो जैसा है हम उसे वैसा नहीं रहने देते और उससे बदलने की पूरी कोशिश करते हैं लेकिन जब हम ऐसा करते हैं, तो वो कोई और ही व्यक्ति बन जाता है पहले से अलग जिसे हम प्यार करते थे। जिसके साथ दोस्ती थी। और जिसमे सबकुछ आम था।

तो आइये हम देखते हैं कि कैसे हम सफल संबंधों के चक्र को  घुमाये जिससे हमारे रिश्ते अपने अपनो के साथ अच्छे बन सकें …

खुद को कैसे बदलें?How To Change Myself?

#1. लोगों के और अपने आदर्शों को जगह दे

क्यों आपका जो अपना जीवन के प्रति नजरिया होगा बिल्कुल वैसा ही दूसरों का  भी होना चाहिए।  आप नहीं तय कर सकते कि उन्हें कैसे अपना जीवन जीने की आवयश्कता है, आप सिर्फ चुन सकते हैं जो आपका है और वो जैसा है उसे उसी हाल में स्वीकार कर सकते हैं।



#2. लोगों के व्यक्तित्व का सम्मान करें

आपके आसपास जो लोग हैं , आप जैसे  ही हैं, वो बिल्कुल अलग हैं और उनके सोचने का अपना तरीका है। अपने जीवन में लोग विचारों, भावनाओं, मूल्यों, ज्ञान, अनुभव, सपने, हितों और लक्ष्यों के जटिल मिश्रण हैं और वे लोग अपने तरीके से दुनिया को देखते हैं , इसमें कुछ सही गलत  नहीं है बस ये अलग है तो उन्हें बदले नहीं  बल्कि उनका सम्मान करें ।


#3. लोगों के अच्छे पक्षों पर ध्यान दें

लोगों में दोष होना तो अनिवार्य है लेकिन हम सिर्फ उसी पर ध्यान क्यों देतें हैं ? इसके बजाय, दूसरों में अच्छाई देखें ; सिर्फ ये छोटा सा बदलाव आपको कितना अधिक खुश कर सकता है जिसकी आप कल्पना भी नहीं कर सकते और वो भी उनमें कुछ बदलाव किये बिना, आप उनकी प्रशंसा करेंगे और वो जैसे हैं उन्हें आप उन्हें पसंद करने लगेंगे ।



#4. दूसरों के नज़रिये को भी समझे


अधिकांश लोगों को आप हर रोज़ देखते हैं जो बहुत कुछ सह चुके हैं, और यही कारण है कि क्यों कभी कभी वे बहुत बुरा व्यवहार करते हैं , आप पर भरोसा नहीं करते , बहुत कठोर होते हैं, अकेले रहना चाहते हैं आदि ।आपको कभी पता नहीं होगा कि उनके जीवन में क्या चल रहा है, इसलिए अगली बार किसी को पहचानने से पहले इस बात का ध्यान रखें क्योंकि उनकी समस्याएं आपकी उम्मीद से बड़ी हो सकती हैं |


#5.लोग जो भी करते हैं उन्हें स्वीकार करें

लोगों को बदलने और हस्तक्षेप करने की कोशिश बंद करें। जो जैसा है उसे वैसा रहने दें और उनके विचार, कार्यों और व्यवहार को स्वीकार करें। यह आपके रिश्ते को सरल और आपके जीवन को आसान बना देगा तथा आप और आपका साथी और अधिक स्वतंत्र महसूस करेंगे अपने विचारो और जीवन जीने के तरीके मे।

#6. याद करें कि क्यों वो आपके जीवन में सबसे पहले स्थान पर थे


हो सकता है की वो आपका परिवार हो, दोस्त हो,दिलचस्प परिस्थितियों में मिले हो, बहुत सारा वक्त एक साथ गुज़ारा हो और भी बहुत कुछ। कुछ भी हो पर लोगो का आभारी होने में ही सच्ची जीवन की सफलता है।
उस समय में वापस जायें और अपने आपको उन बातों की याद दिलाये जब आपने उन लोगो को अपने जीवन का हिस्सा बनाने का फैसला किया था जिन्होंने आपका काम किया, कुर्बानियां दी और अपना समय आपको समर्पित कर दिया ।

#7. तुलना ना करें

खुद को कैसे बदलें : how to change yourself in hindi
किसी को बदलने की चाह रखने का मतलब ये नहीं है कि आप उससे सहमत ना हो, या उसके जीवन जीने के तरीके आपको नामंज़ूर हो । वो अपने जीवन में कुछ अलग चाहता है, उसका अपना अलग नजरिया है और कुछ अलग चीज़े उसके लिए अब आप देख सकते हैं कि क्यों लोगों को बदलना बुरी बात है । वास्तव में हमारे में ही दोष है और हमें इस पर

"जो जैसे हैं उन्हें वैसे ही रहने दो, उन्हें स्वीकार करो , दयालु बनो और उनके साथ बिताये हुए हर पल के मज़े लो और ऐसे ही आपके जीवन की यात्रा प्रेम , शांति और संतोष से भर जाएगी ।"

 पड़ते रहिये---

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